1GO Plus बैंक अकाउंट: नंबर, IFSC और स्वामित्व
निकासी माँगने से पहले प्राप्तकर्ता विवरण अपने बैंक रिकॉर्ड से मिलाएँ।

1GO Plus निकासी स्क्रीन में Bank Account, Add Account, अकाउंट नंबर और IFSC फ़ील्ड हैं। निकासी के लिए इस्तेमाल करने से पहले इन्हें अपने बैंक रिकॉर्ड से मिलाएँ। Add Account होने से हर बैंक अकाउंट या बदलाव स्वीकार होने की पुष्टि नहीं होती।
विवरण सावधानी से मिलाएँ
बैंक द्वारा दिया अकाउंट नंबर और संबंधित अकाउंट या शाखा का IFSC इस्तेमाल करें। अपने रिकॉर्ड से जाँचे बिना आगे भेजे संदेश का नंबर कॉपी न करें। अकाउंट नंबर, कार्ड नंबर और भुगतान संदर्भ को एक ही जानकारी न समझें।
भेजने से पहले विवरण दोबारा पढ़ें। इंटरफ़ेस कुछ अंक छिपाए तो दिखने वाला भाग और उपलब्ध पुष्टि मिलाएँ। एंट्री सेव होना उस बैंक में ट्रांसफ़र पहुँचने का प्रमाण नहीं है।
स्वामित्व का मेल रखें
नियम भुगतान तरीका ग्राहक के अपने नाम का होने और सामान्यतः मूल जमा वाले तरीके पर निकासी की बात करते हैं। दूसरा प्राप्तकर्ता तरीका अतिरिक्त जाँच माँग सकता है। नाम का अंतर पार करने के लिए रिश्तेदार का अकाउंट लगाने के बजाय प्रक्रिया पूछें।
नाम या अकाउंट जानकारी सुधारनी हो तो सहायता को अंतर समझाएँ। दो फ़ील्ड समान दिखाने के लिए पहचान जानकारी न बदलें। स्वामित्व जाँच की तैयारी के लिए सत्यापन गाइड देखें।
सेव अकाउंट और लंबित निकासी अलग हैं
निकासी भेजने के बाद गलती मिले तो ऑर्डर संदर्भ रखें और उसी अनुरोध के बारे में सहायता से संपर्क करें। सेव बैंक एंट्री बदलने से पहले से चल रहे अनुरोध का गंतव्य भी बदल जाएगा, यह न मानें।
पूछें कि अभी कौन-सी कार्रवाई संभव है और जवाब रखें। लंबित निकासी की गाइड ऑर्डर और बैंक रिकॉर्ड मिलाना समझाती है। मूल अनुरोध की स्थिति समझे बिना दूसरा न भेजें।
केवल जरूरी जानकारी साझा करें
बैंक स्वामित्व के दस्तावेज़ ऑपरेटर के पहचाने हुए निजी माध्यम से दें। क्या और क्यों भेजा, उसकी प्रति रखें। स्वामित्व साबित करने के लिए बैंक पासवर्ड, PIN, कार्ड सुरक्षा कोड या काम कर रहा OTP न दें।
सेव एंट्री अनपेक्षित रूप से बदले तो उसे अकाउंट सुरक्षा का मामला मानें और समय व संदर्भ के साथ रिपोर्ट करें।
